करुणा
करुणा
Buddha Maximus
हरीचे पोवाडे
हरीचे पोवाडे
विश्वास, अरुण इंगळे
आज वाटते
आज वाटते
विश्वास, उत्तरा केळकर, अरुण इंगळे
रुणिजा री गैल नाचों नाचों बाबारामदेव जी की पैदल यात्रा म
रुणिजा री गैल नाचों नाचों बाबारामदेव जी की पैदल यात्रा म
Avinash Yogi
माईजी रुण झुण करती आजा ये
माईजी रुण झुण करती आजा ये
Avinash Yogi
जग में कोण पुरुष कोण नारी
जग में कोण पुरुष कोण नारी
Raju meena
रामापीर रणुजे वाला रे
रामापीर रणुजे वाला रे
Jamin Khan
छोरा थार कुणको गम
छोरा थार कुणको गम
Harisingh Mahu धारासिंह जडावता
सुणर सगाई कि रोऊ री
सुणर सगाई कि रोऊ री
CHIRKOOT LOVER
प्रथम लागु शरणो रे माय
प्रथम लागु शरणो रे माय
Rinkal Modi
रुण झुण बाजे घुघरा बाबा रामदेव जी भजन
रुण झुण बाजे घुघरा बाबा रामदेव जी भजन
Prakash Mali
रूण जुण बाजे घुघरा
रूण जुण बाजे घुघरा
Mukesh Salvi
जाणो म्हाने रुणीचे दरबार
जाणो म्हाने रुणीचे दरबार
Rekha Suthar
रुणेचो हे मथुरा काशी
रुणेचो हे मथुरा काशी
Ramavtar Malani
आपणु रूपाणा घाम
आपणु रूपाणा घाम
Rajendra Yadav
गुर्जर का की गुजरी बणर गुजरी रह हूली
गुर्जर का की गुजरी बणर गुजरी रह हूली
Ramratan gurjar
वक्रतुंड करुणामूर्ति
वक्रतुंड करुणामूर्ति
chantchill28
फागण रुघाराम धनाराम
फागण रुघाराम धनाराम
DHANARAM
रुणीचा का मेला मे म्हारों बाबो तो दर्शन दे गयो रे || सोहन सुमन लाखेरी || रामदेव जी भजन
रुणीचा का मेला मे म्हारों बाबो तो दर्शन दे गयो रे || सोहन सुमन लाखेरी || रामदेव जी भजन
JBB STUDIO LIVE KOTA
रुणुझुणु रुणुझुणु रे भ्रमरा अभंग
रुणुझुणु रुणुझुणु रे भ्रमरा अभंग
Shubhangi Joshi
गुरु वाणी भाग 1
गुरु वाणी भाग 1
Nimba Ram Rabari
रुण झुण बाजे घुघरा
रुण झुण बाजे घुघरा
Pushkar Sankhala
रुणिचे रा रामा आप पधारो रे
रुणिचे रा रामा आप पधारो रे
Pushkar Sankhala
रुणिचो है मथुरा काशी
रुणिचो है मथुरा काशी
Sunil lekhra spm
रुणिचा नगरी मे घोड़ला खेड़िया रुणिचे रा राजा
रुणिचा नगरी मे घोड़ला खेड़िया रुणिचे रा राजा
Suresh Ravna
रुणिचा चालो रे मारो बाबो बुलावे
रुणिचा चालो रे मारो बाबो बुलावे
sanju aamli
रुणिजा नगरी मे सांचो देवरो
रुणिजा नगरी मे सांचो देवरो
Shiv Lal Gurjar
रुणिचा वाला सुनले म्हारो हेलो
रुणिचा वाला सुनले म्हारो हेलो
dhaglu ji ruparel
रुणिचा धरती में बाजा बाजे
रुणिचा धरती में बाजा बाजे
Raju Chauhan
गुरु शरण मे रहना रे मन तु
गुरु शरण मे रहना रे मन तु
Kantilal Darji